इंग्लैंड के स्पिनर गेंदबाज लीच बोले- भारत में सफलता के लिए स्पिनरों को तेजी से गेंदबाजी करना जरूरी नहीं


चेन्नईः भारतीय क्रिकेट टीम 5 फरवरी से इंग्लैंड के साथ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए तैयार है. इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर मोंटी पनेसर को 2012 के भारतीय दौरे पर अपनी सामान्य गति से तेजी से गेंदबाजी करने का फायदा हुआ था. फिलहाल चार मैचों की सीरीज के लिए टीम के साथ पहली बार यहां आए जैक लीच का मानना है कि इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह नीति शायद उनके लिए कारगर नहीं रहे.

पनेसर और ग्रीम स्वान की स्पिन गेंदबाजों की जोड़ी ने 2012 टेस्ट सीरीज में भारतीय स्पिनरों की तुलना में तेज गेंदबाजी कर टीम को यादगार जीत दिलायी थी. लीच ने टीम के छह दिनों के आइसोलेशन के खत्म होने के बाद ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह अपने मजबूत पक्ष के साथ गेंदबाजी करेंगे.

भारतीय पिच पर स्पिनर कोमिलेगी मददः लीच

चार मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार से खेला जाएगा. इंग्लैंड के लिए 12 टेस्ट खेलने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘मोंटी और स्वान दो ऐसे गेंदबाज हैं जिन्हें मैं देखना पसंद करता हूं. मैं स्पिनरों के बहुत सारे वीडियो देखता हूं और उनसे सीखने की कोशिश करता हूं. मोंटी ने भारत में तेजी से गेंदबाजी की और स्पिन की मददगार पिच पर यह काफी मुश्किल भरा हो सकता है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं शायद उसी तेजी से गेंदबाजी नहीं करूंगा. यह शायद इस बारे में अधिक है कि गेंद बल्लेबाज के पास कैसे पहुंचती है. ऐसे कई सफल गेंदबाज हैं जिन्होंने मोंटी जितनी तेजी से गेंदबाजी नहीं की थी.’’

श्रीलंका दौरे पर लिए 10 विकेट

श्रीलंका के हालिया दौरे पर 10 विकेट (दो टेस्ट) लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ‘‘ यह अपने मजबूत पक्ष के साथ बने रहने और यह जानने के बारे में है कि मेरे लिये सामान्य गति क्या होगी और उसमें थोड़ा कम-ज्यादा किया जा सकता है. हर किसी की एक सामान्य गति होती है. ’’

भारत में दूसरे देशों के स्पिनरों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती है लेकिन लीच इसके लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘ जाहिर है कि वे शानदार टीम है और ऑस्ट्रेलिया में जबरदस्त जीत के साथ आये है. मुझे लगता है कि यह हम सब के लिए भारत में यहां सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खुद को परखने का बेहतरीन मौका है, मैं पहली बार भारत आया हूं.’’

प्रभाव छोडने में सफल रहूंगाः लीच

29 साल के स्पिनर ने कहा, ‘‘ ऐसी जगहों पर आना, आपका सपना होता है. जाहिर है, यह शानदार मौका है, मैं इसका लुत्फ उठाना चाहूंगा.’’ लीच पनेसर जैसी गति से गेंदबाजी नहीं करते लेकिन उन्हें उम्मीद है वह भारत में सफल रहेंगे. इस बायें हाथ के स्पिनर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं प्रभाव छोडने में सफल रहूंगा. मुझे अभी पिच के बारे में पता नहीं है लेकिन उनकी टीम में दायें हाथ के कई बल्लेबाज है, जिसे मैं अपने लिये अच्छी चीज की तरह देखता हूं.’’

लीच ने कहा कि वह टीम के शीर्ष स्पिनर बनने के बारे में नहीं सोच रहे है लेकिन श्रीलंका की सफलता को भारत में भुनाना चाहेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी समय तक खेल से दूर रहा था और उस दौरान मैंने बेहतर गेंदबाजी करने के लिए काफी मेहनत की थी. मुझे लगता है कि मुझ में काबिलियत है , उसे प्रदर्शन में बदलने की जरूरत है. श्रीलंका से मैंने अच्छी शुरूआत की है और मुझे लग रहा है कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं.’’

सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच को स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत दर्शकों की मौजूदगी में खेले जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘ हां, निश्चित तौर पर हम दर्शकों के सामने खेलना चाहेंगे. लेकिन यह सुरक्षित होना चाहिये और हम ऐसी परेशानी को बढ़ाने से बचाना चाहेंगे जिसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. ऐसे में अगर यह सुरक्षित है तो अच्छा है . हम जल्द से जल्द दर्शकों की मौजूदगी में खेलना चाहेंगे.’’

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